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निष्कर्ष
सबके बात सबके साथ
आगे चलना है
अकाल अंत
परखना क्यों
कमेन्ट
हिन्दी
लाईक
सुखद समाज
किसको सुनोगे
मनोभाव भांप पाओगे
आइनों
कमियाँ
मन अलग-अलग
दृष्टि कोण एक जैसा सबका नहीं
वस्तु स्वरूप
स्थूल दृष्टि
निर्दोष दृष्टि
सूक्ष्म जीव
कृपा-करुणा
Hindi
सूक्ष्म दृष्टि
Quotes
सूक्ष्म दृष्टि से देखे जाएं तो बहुत से अच्छे दिखते कार्य भी ...
भ्रमण करते हुए सूक्ष्म जीव निश्चित ही मेरे पाँव तले भी कुचले ...
दृष्टि, जिस रूप में देखना चाहे, वस्तु का यदि वही रूप देख पाए ...
जितना मन उतना भाव जितना दृष्टि उतना कोण किसको देखो किसका सुन ...
एक जैसा नहीं होता सबका दृष्टि कोण। किसी को परखना भी नहीं चाह ...
सब का दृष्टिकोण एक जैसा होता तो धरती कब का स्वर्ग नहीं तो नर ...
कमियाँ शायद मुझमें ही बहुत थीं, पर मैं हमेशा आइनों में ही द ...
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